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IndiaHandmade Portal: भारत की हस्तशिल्प और हथकरघा विरासत का डिजिटल बाजार

  • वस्त्र मंत्रालय और डिजिटल इंडिया की अनूठी पहल; सीधे खरीदारों से जुड़ रहे हैं देश के बुनकर और शिल्पकार

इंडियाहैंडमेड (IndiaHandmade) एक समर्पित डिजिटल मार्केटप्लेस है, जो भारत की समृद्ध हथकरघा (Handloom) और हस्तशिल्प (Handicraft) परंपराओं को ऑनलाइन अर्थव्यवस्था से जोड़ रहा है। वस्त्र मंत्रालय के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित यह मंच कारीगरों और बुनकरों को सीधे खरीदारों से मिलाता है। आजीविका और सांस्कृतिक संरक्षण को बढ़ावा देने वाला यह पोर्टल जीआई-टैग (GI-Tag) और ओडीओपी (ODOP) वस्तुओं सहित विविध हस्तनिर्मित उत्पादों को वैश्विक पहचान दिला रहा है।

हस्तशिल्प और ग्रामीण आजीविका के लिए ‘डिजिटल इंडिया ब्रिज’

भारत दुनिया की सबसे समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपराओं का घर है। यह क्षेत्र न केवल देश की सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और समावेशी आजीविका का एक महत्वपूर्ण स्रोत भी है।

  • लाखों कारीगरों का संबल: भारत में वर्तमान में अनुमानित 64.66 लाख हथकरघा और हस्तशिल्प कारीगर हैं।

  • महिला सशक्तिकरण की मिसाल: इस कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी सबसे मजबूत है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, महिलाएँ हथकरघा बुनकरों में 71 प्रतिशत और कुल कारीगरों का 64 प्रतिशत हैं। यह ग्रामीण समुदायों में रोजगार और सशक्तिकरण का सबसे बड़ा जरिया है।

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वाणिज्य के तेजी से डिजिटल होने के साथ ही, डिजिटल इंडिया पहल के माध्यम से पारंपरिक आजीविका को ऑनलाइन व्यापार के बेहतरीन अवसर मिल रहे हैं। वर्ष 2023 में लॉन्च हुआ इंडियाहैंडमेड पोर्टल इसी विजन को साकार कर रहा है।

इंडियाहैंडमेड प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएं (Key Features)

यह प्लेटफॉर्म विक्रेताओं, खरीदारों और भारत की शिल्प विरासत का समर्थन करने के लिए कई खास फीचर्स प्रदान करता है:

  • विशेष ऑनलाइन मार्केटप्लेस: बुनकर और कारीगर बिना किसी परेशानी के अपने उत्पादों को ऑनलाइन बेच सकते हैं।

  • बिचौलियों से मुक्ति (Direct Buyer Access): कारीगर सीधे खरीदारों से जुड़े हैं, जिससे बिचौलियों का कमीशन खत्म होता है और उन्हें उचित मुआवजा मिलता है।

  • वित्तीय और सामाजिक सशक्तिकरण: व्यापक बाजार पहुंच से कारीगरों की आय बढ़ रही है, जिससे उनका जीवनस्तर सुधर रहा है।

  • सांस्कृतिक संरक्षण: यह पोर्टल भारत की पारंपरिक कला और कौशल को डिजिटल रूप से सहेजकर भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित कर रहा है।

जीआई-टैग और ओडीओपी (ODOP) उत्पादों को विशेष पहचान

IndiaHandmade पोर्टल रोजमर्रा के हस्तनिर्मित उत्पादों से लेकर मान्यता प्राप्त क्षेत्रीय शिल्पों के लिए एक क्यूरेटेड डिजिटल स्पेस प्रदान करता है। यहाँ परिधान, होम डेकोर, पेंटिंग्स, फर्नीचर, आभूषण, और संगीत वाद्ययंत्रों की विशाल रेंज उपलब्ध है।

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1. जीआई-टैग (Geographical Indication) उत्पाद

जीआई-टैग वाले उत्पाद किसी विशिष्ट क्षेत्र की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर देश के मशहूर जीआई उत्पाद आसानी से उपलब्ध हैं, जैसे:

  • ऐपन कला (Aipan Art)

  • शुद्ध पश्मीना शॉल (Pure Pashmina Shawl)

  • डोकरा क्राफ्ट (Dhokra Art)

  • मुंडू उत्पाद (Mundu Products)

2. ओडीओपी (One District One Product) उत्पाद

‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) पहल के तहत संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने वाले विशिष्ट उत्पादों को शामिल किया गया है:

  • बनारसी सिल्क उत्पाद और चंदेरी सिल्क

  • तंगेल और तसर सिल्क साड़ी

  • इकत (Ikat) और टेराकोटा उत्पाद (Terracotta)

छोटे विक्रेताओं के लिए बिना GST पंजीकरण के ऑनबोर्डिंग की सुविधा

यह पोर्टल छोटे कारीगरों और पहली बार डिजिटल मार्केटप्लेस पर आने वाले विक्रेताओं के लिए बेहद सुलभ है। जो विक्रेता GST पंजीकरण के दायरे में नहीं आते, वे सिर्फ एक ‘नामांकन आईडी’ (Enrolment ID) का उपयोग करके पंजीकरण कर सकते हैं और अपने राज्य के भीतर आसानी से व्यापार शुरू कर सकते हैं।

इसके अलावा, खरीदारों के लिए मुफ्त शिपिंग (Free Shipping), सुरक्षित भुगतान (Secure Payment) और मजबूत बायर्स सपोर्ट सिस्टम दिया गया है, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ रहा है।

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सफलता की कहानियाँ: डिजिटल व्यापार से चमकी किस्मत

इंडियाहैंडमेड प्लेटफॉर्म के पीछे उन हजारों कारीगरों की मेहनत है, जिनकी कला अब वैश्विक बाजार में फल-फूल रही है:

  • सैंटर्म्स (Santherms): यह ब्रांड लकड़ी की सजावट, सुगंधित मोमबत्तियों, टेराकोटा दीयों, संगमरमर की मूर्तियों और हथकरघा साड़ियों के माध्यम से परंपरा और आधुनिक सुंदरता का बेहतरीन मिश्रण पेश करता है।

  • दस्तकार क्राफ्ट (Dastkar Craft): बेंत और बांस के उत्पादों के जरिए यह ब्रांड 500 से अधिक कारीगरों के कौशल को आधुनिक और समकालीन घरों तक पहुँचा रहा है।

  • विलेज क्राफ्ट (Village Craft): सूती तौलिए, गमछा और बेडशीट जैसी रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं को गुणवत्ता और विरासत के साथ पेश कर ग्रामीण कारीगरों को आत्मनिर्भर बना रहा है।

आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल भविष्य की ओर बढ़ते कदम

60 लाख से अधिक कारीगरों को इस डिजिटल क्रांति से जोड़ने की योजना के साथ, इंडियाहैंडमेड पोर्टल ‘आत्मनिर्भर भारत’ (Atmanirbhar Bharat) के दृष्टिकोण को सीधे तौर पर साकार कर रहा है। यह सुनिश्चित करता है कि भारत की प्राचीन कलात्मक विरासत न केवल जीवित रहे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए आजीविका और नए आर्थिक अवसरों को प्रेरित करती रहे। (स्त्रोतः पीआईबी)

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