त्यौहारी सीजन शुरू होने से पहले ही चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई. जिससे आम जनता काफी परेशान भी नजर आई है. हालांकि अब लगता है कि अब लोगों को आने वाले दिनों में इन कीमतों से कुछ राहत मिलने वाली है. क्योंकि हाल ही में चीनी की कीमतों में करीब 5% की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, चीनी मिलों से निकलने वाली यानी एक्स-मिल कीमतों में करीब 20% की बड़ी गिरावट आई है.
क्या हो गए चीनी के दाम?
हालांकि चीनी के मौजूदा दाम अभी भी कुछ समय पहले के मुकाबले काफी ज्यादा हैं. 2 सितंबर को देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत करीब 62.57 रुपये प्रति किलो रही. इसकी तुलना में 20 जुलाई को चीनी का औसत खुदरा भाव 48.18 रुपये प्रति किलो था. यानी हालिया गिरावट के बावजूद चीनी अभी भी जुलाई के मुकाबले महंगी ही बिक रही है.
सरकार ने कीमतें नियंत्रित करने की कोशिश भी की
वैसे तो सरकार ने चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने और बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं. इनमें सबसे अहम कदम डीलरों के लिए 400 टन की स्टॉक लिमिट तय करना है. इसके अलावा थोक खरीदारों के स्टॉक पर भी रोक लगाई गई है, ताकि बड़ी मात्रा में चीनी जमा करके रखने और बाद में महंगे दाम पर बेचने की कोशिशों पर लगाम लगाई जा सके.
इतना ही नहीं बल्कि सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के टैक्स फ्री आयात की अनुमति दी है. इससे घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी. सरकार को उम्मीद है कि आयात और अन्य कदमों से बाजार में पर्याप्त स्टॉक रहेगा और कीमतों पर दबाव कम होगा.
आगे कीमतें कम होने की उम्मीद
खुदरा कीमतों के कम होने के बाद ये भी उम्मीद है आने वाले समय में ग्राहकों को भी कम दाम में चीनी मिलेगी. सरकार का भी कहना है कि इन कदमों से त्यौहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों में और राहत मिल सकती है. इसका मतलब है कि आने वाले समय में चीनी की कीमतों में काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है.
