छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष सतीश थौरानी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की। ट्रेड लाइसेंस पर वर्गफुट आधारित शुल्क समाप्त करने की मांग।

ट्रेड लाइसेंस में वर्गफुट शुल्क का विरोध, चेम्बर अध्यक्ष ने सीएम को सौंपा ज्ञापन

रायपुर। प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी के नेतृत्व में चेम्बर के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भेंट कर ”छत्तीसगढ नगरपालिका (व्यापार अनुज्ञापन) नियम, 2025” में लागू वर्गफुट (स्क्वायर फीट) आधारित पंजीकरण शुल्क व्यवस्था को समाप्त करने तथा इसके स्थान पर न्यायसंगत लाइसेंसवार फ्लैट शुल्क प्रणाली लागू करने की मांग करते हुए विस्तृत ज्ञापन सौंपा। चेम्बर ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि सरकार द्वारा 43 प्रमुख व्यवसायों को ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता से मुक्त करने का निर्णय स्वागतयोग्य है और इससे प्रक्रियागत सरलीकरण को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन नियम-18 के तहत लागू वर्गफुट आधारित वार्षिक पंजीकरण शुल्क व्यापारियों के लिए राहत नहीं, बल्कि अतिरिक्त आर्थिक बोझ बनकर सामने आया है। नगर निगम क्षेत्रों में ₹6 प्रति वर्गफुट की दर से अधिकतम ₹30 हजार तक वार्षिक शुल्क निर्धारित किए जाने से विशेष रूप से छोटे और मध्यम व्यापारी प्रभावित होंगे।

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चेम्बर ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को केवल उठाना ही नहीं, बल्कि उनका व्यावहारिक समाधान सरकार तक पहुँचाना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ प्रदेशभर से प्राप्त सुझावों और व्यापारियों की चिंताओं का अध्ययन कर यह मांगपत्र तैयार किया गया है। चेम्बर का उद्देश्य किसी निर्णय का विरोध करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कराना है जिससे व्यापार सरल हो और व्यापारियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

वर्गफुट आधारित शुल्क व्यवस्था से क्या है आपत्ति?

प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि वर्गफुट आधारित शुल्क व्यवस्था से दुकानों की नाप-जोख के नाम पर निरीक्षण, विवाद और भ्रष्टाचार की आशंका बढ़ेगी।

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चेम्बर की मुख्य मांगें:

  • फ्लैट शुल्क प्रणाली: यदि सरकार वास्तव में Ease of Doing Business को बढ़ावा देना चाहती है, तो वर्गफुट आधारित शुल्क समाप्त कर सभी व्यापारियों के लिए लाइसेंसवार फ्लैट शुल्क लागू किया जाना चाहिए।

  • व्यावहारिक समाधान: नियमों को इस तरह सरल बनाया जाए जिससे इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा न मिले और छोटे व्यापारियों का मानसिक उत्पीड़न रुके।

सतीश थौरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज सदैव व्यापारी हितों की आवाज बनकर कार्य करता आया है। व्यापारियों की किसी भी समस्या के समाधान के लिए चेम्बर लगातार शासन और प्रशासन के समक्ष प्रभावी ढंग से पक्ष रखता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री व्यापारियों की इस न्यायोचित मांग पर सकारात्मक निर्णय लेते हुए प्रदेश के लाखों व्यापारियों को वास्तविक राहत प्रदान करेंगे।

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इस अवसर पर प्रमुख उपस्थिति: इस अवसर पर चेम्बर प्रदेश अध्यक्ष-सतीश थौरानी, चेम्बर संरक्षक एवं पूर्व विधायक-श्रीचंद सुंदरानी, वाइस चेयरमेन-चेतन तारवानी, सलाहकार-अमर गिदवानी, कार्यकारी अध्यक्ष-राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष- राजेश पोपटानी, मनीष प्रजापति, जितेन्द्र शादीजा, दिलीप इसरानी, ट्रांसपोर्ट चेम्बर अध्यक्ष-हरचरण सिंह साहनी, आलू प्याज आढ़तिया संघ के अध्यक्ष-अजय कुमार अग्रवाल एवं सदस्य-विजय गोयल, गोल्डी सुराना प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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