‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक-2026’ का चेम्बर ने किया स्वागत
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक से निवेश, उद्योग एवं रोजगार को मिलेगी नई गति : सतीश थौरानी
रायपुर। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद द्वारा ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (विनियमन-मुक्ति एवं सुविधा) विधेयक-2026’ के प्रारूप को स्वीकृति प्रदान किए जाने का हार्दिक स्वागत किया है। चेम्बर ने इसे प्रदेश में निवेश, उद्योग, व्यापार एवं आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करने वाला ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णय बताया है।
चेम्बर अध्यक्ष सतीश थौरानी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाला सिद्ध होगा। इस प्रकार का विधेयक लागू करने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बनने जा रहा है, यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ निवेश-अनुकूल वातावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डीम्ड परमिशन, स्व-प्रमाणीकरण, तृतीय-पक्ष सत्यापन, जोखिम-आधारित निरीक्षण तथा प्रक्रियाओं के सरलीकरण जैसे प्रावधान प्रदेश में निवेश को और अधिक आकर्षक बनाएंगे तथा उद्यमियों के लिए व्यवसाय स्थापित एवं संचालित करना पहले की अपेक्षा अधिक सरल और सुविधाजनक होगा।
उन्होंने कहा कि इस विधेयक के प्रभावी क्रियान्वयन से घरेलू एवं बाह्य निवेश को बढ़ावा मिलेगा, नए उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) सहित सभी वर्गों के उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। इससे रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। श्री थौरानी ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल व्यवस्था के विस्तार तथा निवेश-अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में यह विधेयक छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी औद्योगिक एवं निवेश गंतव्यों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चेम्बर अध्यक्ष श्री थौरानी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह विधेयक प्रदेश के औद्योगिक विकास, व्यापारिक प्रगति और समग्र आर्थिक समृद्धि के नए युग का मार्ग प्रशस्त करेगा। छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज़ को विश्वास है कि इस पहल से व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को नई गति मिलेगी।
