फसल नुकसान पर किसानों को बड़ी राहत, ₹107 करोड़ मुआवजा

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मध्य प्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्राकृतिक आपदा और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को बड़ी आर्थिक सहायता दी है। मुख्यमंत्री ने उज्जैन से आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ कार्यक्रम के दौरान सिंगल क्लिक के माध्यम से बुरहानपुर जिले के 8,115 किसानों के बैंक खातों में 107 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की मुआवजा राशि ट्रांसफर की। यह राशि मई और जून के दौरान खराब मौसम एवं बेमौसम बारिश से केले की फसल को हुए नुकसान की भरपाई के लिए जारी की गई है।

188 गांवों के 8,115 किसानों को मिला लाभ

प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, बुरहानपुर नगर, बुरहानपुर ग्रामीण, नेपानगर और खकनार तहसीलों के 188 गांवों के किसानों की केले की फसल मौसम की मार से प्रभावित हुई थी। नुकसान के आकलन के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों के खातों में सीधे मुआवजा राशि भेजी है। सरकार का कहना है कि इस आर्थिक सहायता से किसानों को नुकसान की भरपाई करने और दोबारा खेती की तैयारी करने में मदद मिलेगी।

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किसानों के साथ हर संकट में खड़ी है सरकार: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को हुए नुकसान की भरपाई सरकार की प्राथमिकता है और जब तक किसानों के चेहरों पर फिर से मुस्कान नहीं लौटेगी, तब तक सरकार हरसंभव सहयोग करती रहेगी। बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल और विधायक अर्चना चिटनिस सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक अर्चना चिटनिस ने रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री को बुरहानपुर के केले के रेशे से बनी विशेष राखी भेजने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के तहत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किसानों को सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए राज्य सरकार 16 विभागों के साथ मिलकर समन्वित कार्ययोजना पर काम कर रही है। वहीं, किसानों की आय बढ़ाने और नई कृषि तकनीकों की जानकारी देने के उद्देश्य से प्रदेश के विभिन्न जिलों में ‘बलराम कृषि महोत्सव’ का आयोजन भी किया जा रहा है।

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बुरहानपुर के कृषि उत्पादों को मिल रही नई पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुरहानपुर जिला अपनी उद्यानिकी फसलों, विशेष रूप से केले, हल्दी और कपास के उत्पादन के लिए देशभर में पहचान बना चुका है। उन्होंने बताया कि कपास उत्पादक किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने कपास पर लगने वाले मंडी टैक्स को आधा कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि बुरहानपुर अब केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि केले के प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। जिले में केले के रेशे से वस्त्र और सजावटी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा, धार में विकसित हो रहे पीएम मित्र पार्क से भी क्षेत्र के किसानों और कृषि आधारित उद्योगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

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सिंचाई और औद्योगिक विकास पर भी सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र के विकास के लिए मध्यप्रदेश सरकार सिंचाई एवं औद्योगिक परियोजनाओं पर भी तेजी से काम कर रही है। ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना को महाराष्ट्र सरकार के सहयोग से आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में सिंचाई का दायरा बढ़ेगा। वहीं, ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन विकसित करने के लिए भारत सरकार और मध्य प्रदेश सरकार के बीच एमओयू भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि, सिंचाई और उद्योग से जुड़ी ये पहलें मध्य प्रदेश के किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ प्रदेश के समग्र विकास को भी नई गति देंगी।


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