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5G ब्रॉडकास्ट और डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) तकनीक पर मिलकर करेंगे रिसर्च, बिना इंटरनेट मोबाइल पर चलेगा लाइव टीवी
भारत सरकार ने देश के टेलीकॉम (दूरसंचार) और ब्रॉडकास्टिंग (प्रसारण) क्षेत्र को हाई-टेक बनाने के लिए एक बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) की तकनीकी शाखा ‘दूरसंचार इंजीनियरिंग केंद्र’ (TEC) ने ‘ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड’ (BECIL) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य मकसद दोनों विभागों की विशेषज्ञता को मिलाकर देश में नई और आधुनिक ब्रॉडकास्टिंग तकनीकों को तेजी से बढ़ावा देना है।
क्या है D2M और 5G ब्रॉडकास्टिंग? जिससे बदल जाएगा मनोरंजन का तरीका
इस समझौते के तहत दोनों प्रमुख संस्थान मिलकर कई एडवांस तकनीकों पर रिसर्च और स्टडी करेंगे। इनमें सबसे खास और क्रांतिकारी तकनीक है ‘डायरेक्ट-टू-मोबाइल’ (D2M) और 5G ब्रॉडकास्टिंग।
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बिना इंटरनेट लाइव टीवी: इस तकनीक के कमर्शियल रोलआउट के बाद देश के नागरिक बिना इंटरनेट डेटा पैक या बिना सिम कार्ड के भी अपने मोबाइल फोन पर सीधे लाइव टीवी, वीडियो और समाचार देख सकेंगे।
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रेडियो जैसी तकनीक: यह तकनीक बिल्कुल वैसे ही काम करेगी जैसे मोबाइल में बिना इंटरनेट या सिम के एफएम रेडियो (FM Radio) चलता है। इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में भी बिना बफरिंग के वीडियो कंटेंट पहुँचाया जा सकेगा।
इन एडवांस तकनीकों और मानकों (Standards) पर भी होगा काम
सिर्फ D2M ही नहीं, बल्कि यह समझौता देश की डिजिटल सुरक्षा और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से नए तकनीकी नियम और मानक तैयार करने में गेम-चेंजर साबित होगा। इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर काम किया जाएगा:
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डिजिटल साउंड ब्रॉडकास्टिंग: रेडियो और ऑडियो की क्वालिटी को डिजिटल युग के अनुसार अपग्रेड करना।
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कंडिशनल एक्सेस सिस्टम (CAS) & SMS: टीवी चैनलों के लिए सब्सक्राइबर मैनेजमेंट सिस्टम को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना।
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डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट (DRM): आईपीटीवी (IPTV) की सुरक्षा और पायरेसी को रोकने के लिए पुख्ता मैकेनिज्म तैयार करना।
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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): ब्रॉडकास्टिंग और कंटेंट डिलीवरी के क्षेत्र में एआई (AI) के इस्तेमाल को लेकर व्यापक रिसर्च करना।
‘आत्मनिर्भर भारत’ को मिलेगी ताकत, वैश्विक स्तर पर बढ़ेगी साख
नई दिल्ली में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम में इस समझौते पर TEC के उप महानिदेशक श्री देवेंद्र सिंह और BECIL के उप महाप्रबंधक श्री रमित लाला ने हस्ताक्षर किए।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: इस साझेदारी से न सिर्फ भारत में ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी राष्ट्रीय मुहिम को अभूतपूर्व ताकत मिलेगी, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी भारत की तकनीकी साख मजबूत होगी।
दोनों संस्थान मिलकर इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (ITU) और 3GPP जैसे ग्लोबल मंचों पर भारत की तरफ से तकनीकी सुझाव और मानक पेश करेंगे, जिससे वैश्विक नीतियों में भारत की भागीदारी बढ़ेगी।
निष्कर्ष: डिजिटल भविष्य की शानदार शुरुआत
टीईसी (TEC) और बेसिल (BECIL) का यह साथ आना भारत के डिजिटल इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर है। डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) जैसी तकनीकों पर मिलकर काम करने से आने वाले समय में देश के करोड़ों मोबाइल यूजर्स का कंटेंट कंजप्शन का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा और देश तकनीक के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा।
