PSU NLC India और NALCO मिलकर लगाएंगे 1,080 MW का पावर प्लांट

भारत की दो बड़ी नवरत्न सरकारी कंपनियों NLC India और NALCO ने एक बड़े पावर प्रोजेक्ट के लिए हाथ मिला लिया है. NLC India ने एक फाइलिंग में बताया कि दोनों कंपनियों ने ओडिशा के अंगुल में 1,080 मेगावाट क्षमता वाले कोयला आधारित कैप्टिव थर्मल पावर प्लांट के विकास के लिए जॉइंट वेंचर एग्रीमेंट (JVA) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस परियोजना को NLC India और NALCO संयुक्त रूप से विकसित करेंगी और इसमें दोनों की हिस्सेदारी 50:50 रहेगी.

यह समझौता 8 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की मौजूदगी में हुआ. इस परियोजना को दोनों कंपनियों के बीच रणनीतिक सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.इस खबर के बाद गुरुवार को NLC India और NALCO के शेयर फोकस में रहेंगे. NLC India का शेयर 2.7% नीचे 294 रुपये पर बंद हुआ है. वहीं, NALCO का शेयर 2.47% ऊपर 351 रुपये पर बंद हुआ है.

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1,080 MW क्षमता का होगा पावर प्रोजेक्ट
जॉइंट वेंचर के तहत ओडिशा के अंगुल में 4 यूनिट्स वाला थर्मल पावर प्लांट स्थापित किया जाएगा. हर यूनिट की क्षमता 270 मेगावाट होगी, जिससे कुल उत्पादन क्षमता 1,080 मेगावाट हो जाएगी.यह प्लांट मुख्य रूप से NALCO की विस्तार योजनाओं के लिए लॉन्ग टर्म और भरोसेमंद बिजली सप्लाई सुनिश्चित करेगा. बढ़ती औद्योगिक मांग को देखते हुए यह परियोजना कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है.

50:50 हिस्सेदारी के साथ बनेगी नई कंपनी
इस परियोजना के लिए एक अलग जॉइंट वेंचर कंपनी बनाई जाएगी, जिसमें NLC India और NALCO की बराबर यानी 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी.नई कंपनी परियोजना के विकास, वित्तपोषण, निर्माण, स्वामित्व और संचालन की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी. इससे परियोजना को एक समर्पित प्रबंधन ढांचा मिलेगा और कामकाज में बेहतर दक्षता आने की उम्मीद है.

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सरकार की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति को मिलेगा बल
सरकार लगातार ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास को मजबूत करने पर जोर दे रही है. NLC India और NALCO के बीच यह साझेदारी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है.यह परियोजना देश में संसाधनों के बेहतर उपयोग, ऊर्जा उपलब्धता बढ़ाने और औद्योगिक विस्तार को समर्थन देने में मदद कर सकती है. साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के बीच सहयोग का यह मॉडल भविष्य में अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भी उदाहरण बन सकता है.

NLC India और NALCO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रोजेक्ट?
यह परियोजना केवल एक पावर प्लांट नहीं है, बल्कि दोनों नवरत्न पीएसयू कंपनियों की दीर्घकालिक विकास रणनीति का हिस्सा भी है. NALCO अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है, जबकि NLC India बिजली उत्पादन क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत कर रही है.

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1,080 मेगावाट का यह कैप्टिव थर्मल पावर प्रोजेक्ट भविष्य में दोनों कंपनियों के लिए स्थिर बिजली आपूर्ति, बेहतर परिचालन क्षमता और औद्योगिक विस्तार का आधार बन सकता है. यही वजह है कि इस समझौते को सार्वजनिक क्षेत्र के ऊर्जा और धातु क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है.

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