नई दिल्ली। मानसून की बढ़ती उमस के बीच अगर आप भी AC, फ्रिज, पंखा, गीजर या दूसरी इलेक्ट्रिक चीजें खरीदने के बारे में सोच रहे हैं, तो अब आपकी जेब पहले के मुकाबले ज्यादा ढीली हो सकती है. इन इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिकल सामान में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाली एक अहम धातु तांबा लगातार महंगा हो रहा है. ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने के कारण कंपनियों की उत्पादन लागत भी बढ़ सकती है, जिसका असर आगे चलकर इन सामान की कीमतों पर दिखाई दे सकता है.
भारत में इन दिनों तांबे की कीमतों में काफी तेज उछाल देखने को मिला है. अगस्त में MCX पर तांबे का भाव करीब 1,400 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया. हालांकि, तांबे की कीमत बढ़ने के पीछे सिर्फ बाजार की हलचल नहीं, बल्कि इसकी सबसे बड़ी वजह दुनिया में तेजी से बढ़ती मांग और सीमित सप्लाई भी है.
क्यों बढ़ रही है तांबे की कीमत?
तांबा बिजली का अच्छा सुचालक है, यही वजह है कि इसका इस्तेमाल बिजली के तार, ट्रांसफॉर्मर, मोटर, इलेक्ट्रिक वाहन और कई तरह के उपकरणों किया जाता है.
- नई तांबे की खदान शुरू करने में कई साल लग सकते हैं.
- इलेक्ट्रिक वाहनों और रिन्यूएबल एनर्जी के बढ़ते इस्तेमाल से तांबे की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है.
- AI डेटा सेंटर और बिजली के नए इंफ्रास्ट्रक्चर में भी तांबे की खपत लगातार बढ़ रही है.
भारत में क्यों बढ़ रही है तांबे की डिमांड?
भारत में भी बिजली, निर्माण, इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार के साथ-साथ तांबे की जरूरत भी बढ़ रही है. इंटरनेशनल कॉपर एसोसिएशन इंडिया के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 के दौरान देश में तांबे की मांग सालाना आधार पर 9.3% बढ़कर करीब 1.878 मिलियन टन तक पहुंच गई है. हालांकि, सोलर, विंड एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है.
महंगा तांबा किन चीजों पर डाल सकता है असर?
तांबे का इस्तेमाल कई इलेक्ट्रिकल उपकरणों में होता है. ऐसे में अगर लंबे समय तक इसकी कीमत में इजाफा रहती है, तो इससे कई कंपनियों की लागत बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे में इसका असर इन इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स की कीमतों पर भी पड़ने की उम्मीद जताई जा रहती है.
- AC और रेफ्रिजरेटर
- पंखे और गीजर
- इलेक्ट्रिक मोटर
- बिजली के तार और केबल
- ट्रांसफॉर्मर और अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरण
