पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरा : यूरेनियम डील समेत 18 समझौतों से इंडो-पैसिफिक में बदलेगा पावर बैलेंस

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नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे वार्षिक शिखर सम्मेलन (Annual Summit) में 18 बड़े समझौते हुए हैं। इनमें सबसे अहम फैसला सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट (Civil Nuclear Agreement) को ऑपरेशनल करना है, जिससे अब भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम एक्सपोर्ट का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही डिफेंस और मैरीटाइम सिक्योरिटी (Maritime Security) में भी दोनों देशों ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज की इस रणनीतिक मुलाकात ने दोनों देशों के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप (Comprehensive Strategic Partnership) को एक नई ऊंचाई दी है।

रक्षा क्षेत्र में दो बड़े समझौतों पर लगी मुहर (JDDSC & MSCR)

इस समिट में रक्षा और सुरक्षा के लिहाज से दो सबसे महत्वपूर्ण आउटकम सामने आए हैं:

  1. इंडिया-ऑस्ट्रेलिया जॉइंट डिक्लेरेशन ऑन डिफेंस एंड सिक्योरिटी कोऑपरेशन (JDDSC)

  2. इंडिया-ऑस्ट्रेलिया मैरीटाइम सिक्योरिटी कोलैबोरेशन रोडमैप (MSCR)

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने एक स्पेशल मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि ये दोनों समझौते बदलते भू-राजनीतिक (Geopolitical) हालातों के हिसाब से बेहद जरूरी हैं।

  • JDDSC का दायरा: यह 2009 के पुराने डिक्लेरेशन को और विस्तार देता है। इसमें डिफेंस, मैरीटाइम सिक्योरिटी, साइबर सिक्योरिटी, काउंटर-टेररिज्म और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (Emerging Tech) पर खास फोकस रहेगा।

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इंडो-पैसिफिक की सुरक्षा और UNCLOS पर जोर

पीएम मोदी और एंथनी अल्बनीज ने एक खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक (Indo-Pacific) क्षेत्र के साझा विजन को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों नेताओं ने इलाके में बढ़ती अनिश्चितता पर चिंता व्यक्त की।

“क्षेत्र में किसी भी विवाद को ताकत या दबाव के बिना, अंतरराष्ट्रीय कानून (UNCLOS) के मुताबिक शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। संप्रभुता (Sovereignty) और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान सर्वोपरि है।”

सेनाओं के बीच बढ़ेगा तालमेल, तैनात होंगे भारतीय मिलिट्री इंस्ट्रक्टर

दोनों देशों ने अपनी सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए हैं:

  • सैन्य अभ्यास: दोनों देशों के बीच मिलिट्री एक्सरसाइज अब और ज्यादा जटिल और व्यापक होंगी।

  • एयरक्राफ्ट डिप्लॉयमेंट: एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों से एयरक्राफ्ट डिप्लॉयमेंट को बढ़ाया जाएगा।

  • मिलिट्री ट्रेनिंग: साल 2028-29 में भारतीय मिलिट्री इंस्ट्रक्टर ऑस्ट्रेलियाई डिफेंस कॉलेज में तैनात किए जाएंगे।

  • एनुअल डिफेंस मिनिस्टर्स डायलॉग: दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच अब हर साल आधिकारिक बातचीत होगी।

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समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) के लिए मजबूत रोडमैप

समुद्री क्षेत्र की भूमिका को देखते हुए मैरीटाइम सिक्योरिटी कोलैबोरेशन रोडमैप को अपनाया गया है। यह रोडमैप रियल-टाइम सूचना साझा करने, क्षमता निर्माण और ऑपरेशनल कोऑर्डिनेशन को मजबूत करेगा। इसके अलावा, भारत के कोस्ट गार्ड और ऑस्ट्रेलिया के मैरीटाइम बॉर्डर कमांड के बीच एक MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।

साइबर सिक्योरिटी, आतंकवाद और PACTS पर अहम फैसले

सुरक्षा का यह सहयोग सिर्फ जमीन और समुद्र तक सीमित नहीं है। यह अब साइबर स्पेस तक फैल चुका है:

  • PACTS फ्रेमवर्क: ‘ऑस्ट्रेलिया-इंडिया पार्टनरशिप ऑन साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज एंड सप्लाई चेन्स’ के तहत दोनों देश मिलकर काम करेंगे।

  • आतंकवाद पर प्रहार: ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन को रोकने, क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा और टेरर फंडिंग को रोकने के लिए खुफिया जानकारी साझा की जाएगी।

  • आपदा राहत (HADR): क्वाड इंडो-पैसिफिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के जरिए दोनों देश आपदा प्रबंधन में एक-दूसरे की मदद करेंगे।

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यूरेनियम डील समेत कुल 18 समझौतों की लिस्ट

रक्षा और परमाणु ऊर्जा के अलावा दोनों देशों के बीच कुल 18 समझौते हुए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सिविल न्यूक्लियर एग्रीमेंट: भारत को यूरेनियम की सप्लाई शुरू होगी।

  • एनर्जी सिक्योरिटी: रिन्यूएबल एनर्जी और मजबूत सप्लाई चेन पर साझेदारी।

  • शिक्षा और रिसर्च: भारत में ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटी के कैंपस खुलेंगे।

  • माइनिंग पार्टनरशिप: क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे लिथियम) की माइनिंग में सहयोग।

  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान: दोनों देशों के बीच पीपल-टू-पीपल कनेक्टिविटी बढ़ाना।

पीएम मोदी ने इन 18 आउटकम्स को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा कि ये समझौते भारत और ऑस्ट्रेलिया के भविष्य को लेकर दोनों देशों के अटूट भरोसे को दिखाते हैं। गौरतलब है कि पीएम मोदी अपनी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे थे, और इसके बाद वे न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे।


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